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दुर्गा सप्तशती 9.9

अध्याय 9, श्लोक 9

अध्याय 9: Niśumbha Vadhaनिशुम्भवध

निशुम्भो निशितं खड्गं चर्म चादाय सुप्रभम् अताडयन्मूर्ध्नि सिंहं देव्या वाहनमुत्तमम्

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लिप्यंतरण

niśumbho niśitaṃ khaḍgaṃ carma cādāya suprabham atāḍayanmūrdhni siṃhaṃ devyā vāhanamuttamam

अर्थ

निशुम्भ ने तीखा खड्ग और चमकती ढाल लेकर देवी के उत्तम वाहन सिंह के मस्तक पर प्रहार किया।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 9.9 का अर्थ क्या है?
निशुम्भ ने तीखा खड्ग और चमकती ढाल लेकर देवी के उत्तम वाहन सिंह के मस्तक पर प्रहार किया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 9वाँ श्लोक है।