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दुर्गा सप्तशती 9.36

अध्याय 9, श्लोक 36

अध्याय 9: Niśumbha Vadhaनिशुम्भवध

कौमारीशक्तिनिर्भिन्नाः केचिन्नेशुर्महासुराः ब्रह्माणीमन्त्रपूतेन तोयेनान्ये निराकृताः

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लिप्यंतरण

kaumārīśaktinirbhinnāḥ kecinneśurmahāsurāḥ brahmāṇīmantrapūtena toyenānye nirākṛtāḥ

अर्थ

कुछ महान् असुर कौमारी की शक्ति से बिंधकर नष्ट हो गए; कुछ अन्य ब्राह्मणी के मंत्र से पवित्र जल द्वारा निराकृत किए गए।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 9.36 का अर्थ क्या है?
कुछ महान् असुर कौमारी की शक्ति से बिंधकर नष्ट हो गए; कुछ अन्य ब्राह्मणी के मंत्र से पवित्र जल द्वारा निराकृत किए गए।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 36वाँ श्लोक है।