अध्याय 9, श्लोक 35
अध्याय 9: Niśumbha Vadha — निशुम्भवधततः सिंहश्चखादोग्रदंष्ट्राक्षुण्णशिरोधरान् । असुरांस्तांस्तथा काली शिवदूती तथापरान् ॥
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लिप्यंतरण
tataḥ siṃhaścakhādogradaṃṣṭrākṣuṇṇaśirodharān asurāṃstāṃstathā kālī śivadūtī tathāparān
अर्थ
तब सिंह ने उन असुरों को खा लिया जिनकी गर्दनें उसकी उग्र दाढ़ों से कुचल गई थीं; और इसी प्रकार काली तथा शिवदूती ने अन्य को।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 9.35 का अर्थ क्या है?▼
तब सिंह ने उन असुरों को खा लिया जिनकी गर्दनें उसकी उग्र दाढ़ों से कुचल गई थीं; और इसी प्रकार काली तथा शिवदूती ने अन्य को।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 35वाँ श्लोक है।