Mantra.Tips
दुर्गा सप्तशती 9.31

अध्याय 9, श्लोक 31

अध्याय 9: Niśumbha Vadhaनिशुम्भवध

तस्यापतत एवाशु गदां चिच्छेद चण्डिका खड्गेन शितधारेण शूलं समाददे

🔊 किसी भी शब्द को सुनने के लिए टैप करें — या पूरा श्लोक सुनने के लिए ▶ दबाएँ

लिप्यंतरण

tasyāpatata evāśu gadāṃ ciccheda caṇḍikā khaḍgena śitadhāreṇa sa ca śūlaṃ samādade

अर्थ

उसके झपटते ही चण्डिका ने तीखी धार वाले खड्ग से उसकी गदा काट डाली; तब उसने शूल उठा लिया।

इस श्लोक को साझा करें
Share:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 9.31 का अर्थ क्या है?
उसके झपटते ही चण्डिका ने तीखी धार वाले खड्ग से उसकी गदा काट डाली; तब उसने शूल उठा लिया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 31वाँ श्लोक है।