अध्याय 9, श्लोक 28
अध्याय 9: Niśumbha Vadha — निशुम्भवधपुनश्च कृत्वा बाहूनामयुतं दनुजेश्वरः । चक्रायुधेन दितिजश्छादयामास चण्डिकाम् ॥
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लिप्यंतरण
punaśca kṛtvā bāhūnāmayutaṃ danujeśvaraḥ cakrāyudhena ditijaśchādayāmāsa caṇḍikām
अर्थ
और फिर दनुजों के स्वामी उस दितिपुत्र ने दस हज़ार भुजाएँ बनाकर चक्रायुध से चण्डिका को ढक दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 9.28 का अर्थ क्या है?▼
और फिर दनुजों के स्वामी उस दितिपुत्र ने दस हज़ार भुजाएँ बनाकर चक्रायुध से चण्डिका को ढक दिया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 28वाँ श्लोक है।