अध्याय 9, श्लोक 26
अध्याय 9: Niśumbha Vadha — निशुम्भवधततः सा चण्डिका क्रुद्धा शूलेनाभिजघान तम् । स तदाभिहतो भूमौ मूर्च्छितो निपपात ह ॥
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लिप्यंतरण
tataḥ sā caṇḍikā kruddhā śūlenābhijaghāna tam sa tadābhihato bhūmau mūrcchito nipapāta ha
अर्थ
तब क्रुद्ध चण्डिका ने उसे शूल से मारा; उससे आहत होकर वह मूर्च्छित होकर भूमि पर गिर पड़ा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 9.26 का अर्थ क्या है?▼
तब क्रुद्ध चण्डिका ने उसे शूल से मारा; उससे आहत होकर वह मूर्च्छित होकर भूमि पर गिर पड़ा।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 26वाँ श्लोक है।