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दुर्गा सप्तशती 9.24

अध्याय 9, श्लोक 24

अध्याय 9: Niśumbha Vadhaनिशुम्भवध

सिंहनादेन शुम्भस्य व्याप्तं लोकत्रयान्तरम् निर्घातनिःस्वनो घोरो जितवानवनीपते

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लिप्यंतरण

siṃhanādena śumbhasya vyāptaṃ lokatrayāntaram nirghātaniḥsvano ghoro jitavānavanīpate

अर्थ

शुम्भ के सिंहनाद से त्रैलोक्य का अन्तराल भर गया; पर हे भूपते! (देवी के अस्त्र की) भयंकर वज्रपात-सी ध्वनि ने उसे जीत लिया।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 9.24 का अर्थ क्या है?
शुम्भ के सिंहनाद से त्रैलोक्य का अन्तराल भर गया; पर हे भूपते! (देवी के अस्त्र की) भयंकर वज्रपात-सी ध्वनि ने उसे जीत लिया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 24वाँ श्लोक है।