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दुर्गा सप्तशती 9.21

अध्याय 9, श्लोक 21

अध्याय 9: Niśumbha Vadhaनिशुम्भवध

अट्टाट्टहासमशिवं शिवदूती चकार वैः शब्दैरसुरास्त्रेसुः शुम्भः कोपं परं ययौ

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लिप्यंतरण

aṭṭāṭṭahāsamaśivaṃ śivadūtī cakāra ha vaiḥ śabdairasurāstresuḥ śumbhaḥ kopaṃ paraṃ yayau

अर्थ

शिवदूती ने अमंगलकारी अट्टहास किया; उन शब्दों से असुर काँप उठे, और शुम्भ परम क्रोध को प्राप्त हुआ।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 9.21 का अर्थ क्या है?
शिवदूती ने अमंगलकारी अट्टहास किया; उन शब्दों से असुर काँप उठे, और शुम्भ परम क्रोध को प्राप्त हुआ।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 21वाँ श्लोक है।