अध्याय 9, श्लोक 20
अध्याय 9: Niśumbha Vadha — निशुम्भवधततः काली समुत्पत्य गगनं क्ष्मामताडयत् । कराभ्यां तन्निनादेन प्राक्स्वनास्ते तिरोहिताः ॥
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लिप्यंतरण
tataḥ kālī samutpatya gaganaṃ kṣmāmatāḍayat karābhyāṃ tanninādena prāksvanāste tirohitāḥ
अर्थ
तब काली ने आकाश में उछलकर दोनों हाथों से पृथ्वी पर आघात किया; उस निनाद से पहले के सब शब्द दब गए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 9.20 का अर्थ क्या है?▼
तब काली ने आकाश में उछलकर दोनों हाथों से पृथ्वी पर आघात किया; उस निनाद से पहले के सब शब्द दब गए।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 20वाँ श्लोक है।