अध्याय 9, श्लोक 19
अध्याय 9: Niśumbha Vadha — निशुम्भवधततः सिंहो महानादैस्त्याजितेभमहामदैः । पूरयामास गगनं गां तथैव दिशो दश ॥
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लिप्यंतरण
tataḥ siṃho mahānādaistyājitebhamahāmadaiḥ pūrayāmāsa gaganaṃ gāṃ tathaiva diśo daśa
अर्थ
तब सिंह ने हाथियों के महामद को छुड़ा देने वाली महागर्जनाओं से आकाश, पृथ्वी और दसों दिशाओं को भर दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 9.19 का अर्थ क्या है?▼
तब सिंह ने हाथियों के महामद को छुड़ा देने वाली महागर्जनाओं से आकाश, पृथ्वी और दसों दिशाओं को भर दिया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 19वाँ श्लोक है।