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दुर्गा सप्तशती 9.18

अध्याय 9, श्लोक 18

अध्याय 9: Niśumbha Vadhaनिशुम्भवध

पूरयामास ककुभो निजघण्टास्वनेन समस्तदैत्यसैन्यानां तेजोवधविधायिना

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लिप्यंतरण

pūrayāmāsa kakubho nijaghaṇṭāsvanena ca samastadaityasainyānāṃ tejovadhavidhāyinā

अर्थ

और समस्त दैत्य-सेनाओं के तेज का नाश करने वाले अपने घण्टे के नाद से उन्होंने दिशाओं को भर दिया।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 9.18 का अर्थ क्या है?
और समस्त दैत्य-सेनाओं के तेज का नाश करने वाले अपने घण्टे के नाद से उन्होंने दिशाओं को भर दिया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 18वाँ श्लोक है।