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दुर्गा सप्तशती 9.17

अध्याय 9, श्लोक 17

अध्याय 9: Niśumbha Vadhaनिशुम्भवध

तमायान्तं समालोक्य देवी शङ्खमवादयत् ज्याशब्दं चापि धनुषश्चकारातीव दुःसहम्

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लिप्यंतरण

tamāyāntaṃ samālokya devī śaṅkhamavādayat jyāśabdaṃ cāpi dhanuṣaścakārātīva duḥsaham

अर्थ

उसे आते देख देवी ने शंख बजाया और धनुष की प्रत्यंचा का अत्यन्त दुःसह नाद किया।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 9.17 का अर्थ क्या है?
उसे आते देख देवी ने शंख बजाया और धनुष की प्रत्यंचा का अत्यन्त दुःसह नाद किया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 17वाँ श्लोक है।