अध्याय 9, श्लोक 16
अध्याय 9: Niśumbha Vadha — निशुम्भवधस रथस्थस्तथात्युच्चैर्गृहीतपरमायुधैः । भुजैरष्टाभिरतुलैर्व्याप्याशेषं बभौ नभः ॥
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लिप्यंतरण
sa rathasthastathātyuccairgṛhītaparamāyudhaiḥ bhujairaṣṭābhiratulairvyāpyāśeṣaṃ babhau nabhaḥ
अर्थ
रथ पर खड़ा, अत्यन्त ऊँचा, अपनी आठ अतुलनीय भुजाओं में श्रेष्ठ आयुध थामे वह सम्पूर्ण आकाश को व्याप्त कर शोभित हुआ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 9.16 का अर्थ क्या है?▼
रथ पर खड़ा, अत्यन्त ऊँचा, अपनी आठ अतुलनीय भुजाओं में श्रेष्ठ आयुध थामे वह सम्पूर्ण आकाश को व्याप्त कर शोभित हुआ।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 16वाँ श्लोक है।