अध्याय 8, श्लोक 8
अध्याय 8: Raktabīja Vadha — रक्तबीजवधततः सिंहो महानादमतीव कृतवान्नृप । घण्टास्वनेन तान्नादानम्बिका चोपबृंहयत् ॥
🔊 किसी भी शब्द को सुनने के लिए टैप करें — या पूरा श्लोक सुनने के लिए ▶ दबाएँ
लिप्यंतरण
tataḥ siṃho mahānādamatīva kṛtavānnṛpa ghaṇṭāsvanena tānnādānambikā copabṛṃhayat
अर्थ
तब हे राजन्! उनके सिंह ने अत्यन्त ऊँची गर्जना की; और अम्बिका ने घण्टा के नाद से उन गर्जनाओं को और बढ़ा दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 8.8 का अर्थ क्या है?▼
तब हे राजन्! उनके सिंह ने अत्यन्त ऊँची गर्जना की; और अम्बिका ने घण्टा के नाद से उन गर्जनाओं को और बढ़ा दिया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 8वाँ श्लोक है।