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दुर्गा सप्तशती 8.56

अध्याय 8, श्लोक 56

अध्याय 8: Raktabīja Vadhaरक्तबीजवध

मुखेन काली जगृहे रक्तबीजस्य शोणितम् ततोऽसावाजघानाथ गदया तत्र चण्डिकाम्

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लिप्यंतरण

mukhena kālī jagṛhe raktabījasya śoṇitam tato'sāvājaghānātha gadayā tatra caṇḍikām

अर्थ

काली ने रक्तबीज के रक्त को मुख से पकड़ लिया। तब उसने वहाँ चण्डिका पर गदा से प्रहार किया।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 8.56 का अर्थ क्या है?
काली ने रक्तबीज के रक्त को मुख से पकड़ लिया। तब उसने वहाँ चण्डिका पर गदा से प्रहार किया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 56वाँ श्लोक है।