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दुर्गा सप्तशती 8.53

अध्याय 8, श्लोक 53

अध्याय 8: Raktabīja Vadhaरक्तबीजवध

मच्छस्त्रपातसम्भूतान् रक्तबिन्दून् महासुरान् रक्तबिन्दोः प्रतीच्छ त्वं वक्त्रेणानेन वेगिना

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लिप्यंतरण

macchastrapātasambhūtān raktabindūn mahāsurān raktabindoḥ pratīccha tvaṃ vaktreṇānena veginā

अर्थ

मेरे शस्त्र-प्रहार से उत्पन्न रक्त की बूँदों को, और रक्त की बूँदों से उत्पन्न महान् असुरों को, इस अपने वेगवान् मुख से ग्रहण करो।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 8.53 का अर्थ क्या है?
मेरे शस्त्र-प्रहार से उत्पन्न रक्त की बूँदों को, और रक्त की बूँदों से उत्पन्न महान् असुरों को, इस अपने वेगवान् मुख से ग्रहण करो।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 53वाँ श्लोक है।