अध्याय 8, श्लोक 46
अध्याय 8: Raktabīja Vadha — रक्तबीजवधवैष्णवी समरे चैनं चक्रेणाभिजघान ह । गदया ताडयामास ऐन्द्री तमसुरेश्वरम् ॥
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लिप्यंतरण
vaiṣṇavī samare cainaṃ cakreṇābhijaghāna ha gadayā tāḍayāmāsa aindrī tamasureśvaram
अर्थ
वैष्णवी ने युद्ध में उसे चक्र से मारा; ऐन्द्री ने उस असुरराज को गदा से पीटा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 8.46 का अर्थ क्या है?▼
वैष्णवी ने युद्ध में उसे चक्र से मारा; ऐन्द्री ने उस असुरराज को गदा से पीटा।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 46वाँ श्लोक है।