अध्याय 8, श्लोक 44
अध्याय 8: Raktabīja Vadha — रक्तबीजवधते चापि युयुधुस्तत्र पुरुषा रक्तसम्भवाः । समं मातृभिरत्युग्रशस्त्रपातातिभीषणम् ॥
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लिप्यंतरण
te cāpi yuyudhustatra puruṣā raktasambhavāḥ samaṃ mātṛbhiratyugraśastrapātātibhīṣaṇam
अर्थ
और रक्त से उत्पन्न वे पुरुष भी वहाँ मातृगण के साथ अत्यन्त उग्र शस्त्र-प्रहारों के बीच भयंकर युद्ध करने लगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 8.44 का अर्थ क्या है?▼
और रक्त से उत्पन्न वे पुरुष भी वहाँ मातृगण के साथ अत्यन्त उग्र शस्त्र-प्रहारों के बीच भयंकर युद्ध करने लगे।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 44वाँ श्लोक है।