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दुर्गा सप्तशती 8.42

अध्याय 8, श्लोक 42

अध्याय 8: Raktabīja Vadhaरक्तबीजवध

कुलिशेनाहतस्याशु बहु सुस्राव शोणितम् समुत्तस्थुस्ततो योधास्तद्रूपास्तत्पराक्रमाः

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लिप्यंतरण

kuliśenāhatasyāśu bahu susrāva śoṇitam samuttasthustato yodhāstadrūpāstatparākramāḥ

अर्थ

वज्र से आहत होने पर उससे तुरन्त बहुत रक्त बह निकला; तभी उसी के रूप और पराक्रम वाले योद्धा उठ खड़े हुए।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 8.42 का अर्थ क्या है?
वज्र से आहत होने पर उससे तुरन्त बहुत रक्त बह निकला; तभी उसी के रूप और पराक्रम वाले योद्धा उठ खड़े हुए।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 42वाँ श्लोक है।