Mantra.Tips
दुर्गा सप्तशती 8.41

अध्याय 8, श्लोक 41

अध्याय 8: Raktabīja Vadhaरक्तबीजवध

युयुधे गदापाणिरिन्द्रशक्त्या महासुरः ततश्चैन्द्री स्ववज्रेण रक्तबीजमताडयत्

🔊 किसी भी शब्द को सुनने के लिए टैप करें — या पूरा श्लोक सुनने के लिए ▶ दबाएँ

लिप्यंतरण

yuyudhe sa gadāpāṇirindraśaktyā mahāsuraḥ tataścaindrī svavajreṇa raktabījamatāḍayat

अर्थ

वह महान् असुर गदा हाथ में लिए इन्द्र की शक्ति (ऐन्द्री) से लड़ा; तब ऐन्द्री ने अपने वज्र से रक्तबीज पर प्रहार किया।

इस श्लोक को साझा करें
Share:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 8.41 का अर्थ क्या है?
वह महान् असुर गदा हाथ में लिए इन्द्र की शक्ति (ऐन्द्री) से लड़ा; तब ऐन्द्री ने अपने वज्र से रक्तबीज पर प्रहार किया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 41वाँ श्लोक है।