अध्याय 8, श्लोक 4
अध्याय 8: Raktabīja Vadha — रक्तबीजवधकोटिवीर्याणि पञ्चाशदसुराणां कुलानि वै । शतं कुलानि धौम्राणां निर्गच्छन्तु ममाज्ञया ॥
🔊 किसी भी शब्द को सुनने के लिए टैप करें — या पूरा श्लोक सुनने के लिए ▶ दबाएँ
लिप्यंतरण
koṭivīryāṇi pañcāśadasurāṇāṃ kulāni vai śataṃ kulāni dhaumrāṇāṃ nirgacchantu mamājñayā
अर्थ
करोड़ों की वीर्य-शक्ति वाले असुरों के पचास कुल, और धौम्रों के सौ कुल मेरी आज्ञा से निकल पड़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 8.4 का अर्थ क्या है?▼
करोड़ों की वीर्य-शक्ति वाले असुरों के पचास कुल, और धौम्रों के सौ कुल मेरी आज्ञा से निकल पड़ें।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 4वाँ श्लोक है।