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दुर्गा सप्तशती 8.3

अध्याय 8, श्लोक 3

अध्याय 8: Raktabīja Vadhaरक्तबीजवध

अद्य सर्वबलैर्दैत्याः षडशीतिरुदायुधाः कम्बूनां चतुरशीतिर्निर्यान्तु स्वबलैर्वृताः

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लिप्यंतरण

adya sarvabalairdaityāḥ ṣaḍaśītirudāyudhāḥ kambūnāṃ caturaśītirniryāntu svabalairvṛtāḥ

अर्थ

'आज छियासी उदायुध दैत्य अपनी समस्त सेनाओं और उठाए हुए शस्त्रों सहित निकलें, और चौरासी कम्बु अपने-अपने बलों से घिरे हुए निकलें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 8.3 का अर्थ क्या है?
'आज छियासी उदायुध दैत्य अपनी समस्त सेनाओं और उठाए हुए शस्त्रों सहित निकलें, और चौरासी कम्बु अपने-अपने बलों से घिरे हुए निकलें।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 3वाँ श्लोक है।