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दुर्गा सप्तशती 8.5

अध्याय 8, श्लोक 5

अध्याय 8: Raktabīja Vadhaरक्तबीजवध

कालका दौर्हृदा मौर्वाः कालिकेयास्तथासुराः युद्धाय सज्जा निर्यान्तु आज्ञया त्वरिता मम

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लिप्यंतरण

kālakā daurhṛdā maurvāḥ kālikeyāstathāsurāḥ yuddhāya sajjā niryāntu ājñayā tvaritā mama

अर्थ

कालक, दौर्हृद, मौर्व और कालिकेय असुर युद्ध के लिए सज्ज होकर मेरी आज्ञा से शीघ्र निकलें।'

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 8.5 का अर्थ क्या है?
कालक, दौर्हृद, मौर्व और कालिकेय असुर युद्ध के लिए सज्ज होकर मेरी आज्ञा से शीघ्र निकलें।'
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 5वाँ श्लोक है।