अध्याय 8, श्लोक 37
अध्याय 8: Raktabīja Vadha — रक्तबीजवधचण्डाट्टहासैरसुराः शिवदूत्यभिदूषिताः । पेतुः पृथिव्यां पतितांस्तांश्चखादाथ सा तदा ॥
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लिप्यंतरण
caṇḍāṭṭahāsairasurāḥ śivadūtyabhidūṣitāḥ petuḥ pṛthivyāṃ patitāṃstāṃścakhādātha sā tadā
अर्थ
शिवदूती के प्रचण्ड अट्टहासों से विकल हुए असुर पृथ्वी पर गिर पड़े; और तब उन्होंने उन गिरे हुओं को खा लिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 8.37 का अर्थ क्या है?▼
शिवदूती के प्रचण्ड अट्टहासों से विकल हुए असुर पृथ्वी पर गिर पड़े; और तब उन्होंने उन गिरे हुओं को खा लिया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 37वाँ श्लोक है।