अध्याय 8, श्लोक 38
अध्याय 8: Raktabīja Vadha — रक्तबीजवधइति मातृगणं क्रुद्धं मर्दयन्तं महासुरान् । दृष्ट्वाभ्युपायैर्विविधैर्नेशुर्देवारिसैनिकाः ॥
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लिप्यंतरण
iti mātṛgaṇaṃ kruddhaṃ mardayantaṃ mahāsurān dṛṣṭvābhyupāyairvividhairneśurdevārisainikāḥ
अर्थ
इस प्रकार क्रुद्ध मातृगण को अनेक उपायों से महान् असुरों का मर्दन करते देख देवशत्रुओं के सैनिक भाग गए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 8.38 का अर्थ क्या है?▼
इस प्रकार क्रुद्ध मातृगण को अनेक उपायों से महान् असुरों का मर्दन करते देख देवशत्रुओं के सैनिक भाग गए।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 38वाँ श्लोक है।