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दुर्गा सप्तशती 8.31

अध्याय 8, श्लोक 31

अध्याय 8: Raktabīja Vadhaरक्तबीजवध

तस्याग्रतस्तथा काली शूलपातविदारितान् खट्वाङ्गपोथितांश्चारीन्कुर्वती व्यचरत्तदा

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लिप्यंतरण

tasyāgratastathā kālī śūlapātavidāritān khaṭvāṅgapothitāṃścārīnkurvatī vyacarattadā

अर्थ

उनके आगे तब काली विचरने लगीं, शूल के प्रहार से शत्रुओं को विदीर्ण और खट्वांग से कुचलती हुईं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 8.31 का अर्थ क्या है?
उनके आगे तब काली विचरने लगीं, शूल के प्रहार से शत्रुओं को विदीर्ण और खट्वांग से कुचलती हुईं।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 31वाँ श्लोक है।