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दुर्गा सप्तशती 8.29

अध्याय 8, श्लोक 29

अध्याय 8: Raktabīja Vadhaरक्तबीजवध

ततः प्रथममेवाग्रे शरशक्त्यृष्टिवृष्टिभिः ववर्षुरुद्धतामर्षास्तां देवीममरारयः

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लिप्यंतरण

tataḥ prathamamevāgre śaraśaktyṛṣṭivṛṣṭibhiḥ vavarṣuruddhatāmarṣāstāṃ devīmamarārayaḥ

अर्थ

तब आरम्भ में ही उद्धत अमर्ष से भरे देवशत्रुओं ने उस देवी पर बाण, शक्ति और ऋष्टि की वर्षा की।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 8.29 का अर्थ क्या है?
तब आरम्भ में ही उद्धत अमर्ष से भरे देवशत्रुओं ने उस देवी पर बाण, शक्ति और ऋष्टि की वर्षा की।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 29वाँ श्लोक है।