अध्याय 8, श्लोक 28
अध्याय 8: Raktabīja Vadha — रक्तबीजवधतेऽपि श्रुत्वा वचो देव्याः शर्वाख्यातं महासुराः । अमर्षापूरिता जग्मुर्यत्र कात्यायनी स्थिता ॥
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लिप्यंतरण
te'pi śrutvā vaco devyāḥ śarvākhyātaṃ mahāsurāḥ amarṣāpūritā jagmuryatra kātyāyanī sthitā
अर्थ
वे महान् असुर भी शर्व (शिव) द्वारा कही गई देवी की वाणी सुनकर अमर्ष से भर गए और वहाँ गए जहाँ कात्यायनी विराजमान थीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 8.28 का अर्थ क्या है?▼
वे महान् असुर भी शर्व (शिव) द्वारा कही गई देवी की वाणी सुनकर अमर्ष से भर गए और वहाँ गए जहाँ कात्यायनी विराजमान थीं।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 28वाँ श्लोक है।