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दुर्गा सप्तशती 8.25

अध्याय 8, श्लोक 25

अध्याय 8: Raktabīja Vadhaरक्तबीजवध

त्रैलोक्यमिन्द्रो लभतां देवाः सन्तु हविर्भुजः यूयं प्रयात पातालं यदि जीवितुमिच्छथ

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लिप्यंतरण

trailokyamindro labhatāṃ devāḥ santu havirbhujaḥ yūyaṃ prayāta pātālaṃ yadi jīvitumicchatha

अर्थ

'इन्द्र त्रैलोक्य को प्राप्त करें, देवता हविष्य के भोक्ता हों; यदि तुम जीवित रहना चाहते हो तो पाताल चले जाओ।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 8.25 का अर्थ क्या है?
'इन्द्र त्रैलोक्य को प्राप्त करें, देवता हविष्य के भोक्ता हों; यदि तुम जीवित रहना चाहते हो तो पाताल चले जाओ।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 25वाँ श्लोक है।