अध्याय 8, श्लोक 24
अध्याय 8: Raktabīja Vadha — रक्तबीजवधब्रूहि शुम्भं निशुम्भं च दानवावतिगर्वितौ । ये चान्ये दानवास्तत्र युद्धाय समुपस्थिताः ॥
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लिप्यंतरण
brūhi śumbhaṃ niśumbhaṃ ca dānavāvatigarvitau ye cānye dānavāstatra yuddhāya samupasthitāḥ
अर्थ
अत्यन्त गर्वित उन दोनों दानवों शुम्भ-निशुम्भ से और वहाँ युद्ध के लिए एकत्र अन्य दानवों से कहिए:
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 8.24 का अर्थ क्या है?▼
अत्यन्त गर्वित उन दोनों दानवों शुम्भ-निशुम्भ से और वहाँ युद्ध के लिए एकत्र अन्य दानवों से कहिए:
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 24वाँ श्लोक है।