Mantra.Tips
दुर्गा सप्तशती 8.23

अध्याय 8, श्लोक 23

अध्याय 8: Raktabīja Vadhaरक्तबीजवध

सा चाह धूम्रजटिलमीशानमपराजिता दूत त्वं गच्छ भगवन् पार्श्वं शुम्भनिशुम्भयोः

🔊 किसी भी शब्द को सुनने के लिए टैप करें — या पूरा श्लोक सुनने के लिए ▶ दबाएँ

लिप्यंतरण

sā cāha dhūmrajaṭilamīśānamaparājitā dūta tvaṃ gaccha bhagavan pārśvaṃ śumbhaniśumbhayoḥ

अर्थ

और उस अपराजिता ने धूम्रवर्ण जटाओं वाले ईशान (शिव) से कहा: 'हे भगवन्! आप दूत बनकर शुम्भ-निशुम्भ के पास जाइए।

इस श्लोक को साझा करें
Share:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 8.23 का अर्थ क्या है?
और उस अपराजिता ने धूम्रवर्ण जटाओं वाले ईशान (शिव) से कहा: 'हे भगवन्! आप दूत बनकर शुम्भ-निशुम्भ के पास जाइए।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 23वाँ श्लोक है।