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दुर्गा सप्तशती 8.26

अध्याय 8, श्लोक 26

अध्याय 8: Raktabīja Vadhaरक्तबीजवध

बलावलेपादथ चेद्भवन्तो युद्धकाङ्क्षिणः तदागच्छत तृप्यन्तु मच्छिवाः पिशितेन वः

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लिप्यंतरण

balāvalepādatha cedbhavanto yuddhakāṅkṣiṇaḥ tadāgacchata tṛpyantu macchivāḥ piśitena vaḥ

अर्थ

किन्तु यदि बल के अभिमान से तुम युद्ध के इच्छुक हो — तो आ जाओ, और मेरी शिवाएँ तुम्हारे मांस से तृप्त हो जाएँ।''

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 8.26 का अर्थ क्या है?
किन्तु यदि बल के अभिमान से तुम युद्ध के इच्छुक हो — तो आ जाओ, और मेरी शिवाएँ तुम्हारे मांस से तृप्त हो जाएँ।''
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 26वाँ श्लोक है।