अध्याय 8, श्लोक 1
अध्याय 8: Raktabīja Vadha — रक्तबीजवधॐ ऋषिरुवाच चण्डे च निहते दैत्ये मुण्डे च विनिपातिते । बहुलेषु च सैन्येषु क्षयितेष्वसुरेश्वरः ॥
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लिप्यंतरण
oṃ ṛṣiruvāca caṇḍe ca nihate daitye muṇḍe ca vinipātite bahuleṣu ca sainyeṣu kṣayiteṣvasureśvaraḥ
अर्थ
(ॐ। ऋषि बोले —) जब दैत्य चण्ड मारा गया, मुण्ड गिरा दिया गया और बहुत-सी सेनाएँ नष्ट हो गईं, तब असुरराज (शुम्भ) —
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 8.1 का अर्थ क्या है?▼
(ॐ। ऋषि बोले —) जब दैत्य चण्ड मारा गया, मुण्ड गिरा दिया गया और बहुत-सी सेनाएँ नष्ट हो गईं, तब असुरराज (शुम्भ) —
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 1वाँ श्लोक है।