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दुर्गा सप्तशती 7.25

अध्याय 7, श्लोक 25

अध्याय 7: Caṇḍa-Muṇḍa Vadhaचण्डमुण्डवध

यस्माच्चण्डं मुण्डं गृहीत्वा त्वमुपागता चामुण्डेति ततो लोके ख्याता देवी भविष्यसि

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लिप्यंतरण

yasmāccaṇḍaṃ ca muṇḍaṃ ca gṛhītvā tvamupāgatā cāmuṇḍeti tato loke khyātā devī bhaviṣyasi

अर्थ

'चूँकि तुम चण्ड और मुण्ड को पकड़कर आई हो, इसलिए हे देवी! तुम संसार में 'चामुण्डा' नाम से विख्यात होगी।'

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 7.25 का अर्थ क्या है?
'चूँकि तुम चण्ड और मुण्ड को पकड़कर आई हो, इसलिए हे देवी! तुम संसार में 'चामुण्डा' नाम से विख्यात होगी।'
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 7 (Caṇḍa-Muṇḍa Vadha — चण्ड-मुण्ड वध) का 25वाँ श्लोक है।