अध्याय 7, श्लोक 6
अध्याय 7: Caṇḍa-Muṇḍa Vadha — चण्डमुण्डवधविचित्रखट्वाङ्गधरा नरमालाविभूषणा । द्वीपिचर्मपरीधाना शुष्कमांसातिभैरवा ॥
🔊 किसी भी शब्द को सुनने के लिए टैप करें — या पूरा श्लोक सुनने के लिए ▶ दबाएँ
लिप्यंतरण
vicitrakhaṭvāṅgadharā naramālāvibhūṣaṇā dvīpicarmaparīdhānā śuṣkamāṃsātibhairavā
अर्थ
जो विचित्र खट्वांग धारण किए, नर-मुण्डों की माला से विभूषित, बाघ-चर्म पहने, सूखे मांस से अत्यन्त भयंकर थीं,
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 7.6 का अर्थ क्या है?▼
जो विचित्र खट्वांग धारण किए, नर-मुण्डों की माला से विभूषित, बाघ-चर्म पहने, सूखे मांस से अत्यन्त भयंकर थीं,
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 7 (Caṇḍa-Muṇḍa Vadha — चण्ड-मुण्ड वध) का 6वाँ श्लोक है।