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दुर्गा सप्तशती 7.3

अध्याय 7, श्लोक 3

अध्याय 7: Caṇḍa-Muṇḍa Vadhaचण्डमुण्डवध

ते दृष्ट्वा तां समादातुमुद्यमं चक्रुरुद्यताः आकृष्टचापासिधरास्तथान्ये तत्समीपगाः

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लिप्यंतरण

te dṛṣṭvā tāṃ samādātumudyamaṃ cakrurudyatāḥ ākṛṣṭacāpāsidharāstathānye tatsamīpagāḥ

अर्थ

उन्हें देखकर कुछ असुरों ने उद्यत होकर उन्हें पकड़ने का प्रयत्न किया, और कुछ अन्य धनुष व खड्ग ताने उनके समीप पहुँचे।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 7.3 का अर्थ क्या है?
उन्हें देखकर कुछ असुरों ने उद्यत होकर उन्हें पकड़ने का प्रयत्न किया, और कुछ अन्य धनुष व खड्ग ताने उनके समीप पहुँचे।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 7 (Caṇḍa-Muṇḍa Vadha — चण्ड-मुण्ड वध) का 3वाँ श्लोक है।