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दुर्गा सप्तशती 7.23

अध्याय 7, श्लोक 23

अध्याय 7: Caṇḍa-Muṇḍa Vadhaचण्डमुण्डवध

मया तवात्रोपहृतौ चण्डमुण्डौ महापशू युद्धयज्ञे स्वयं शुम्भं निशुम्भं हनिष्यसि

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लिप्यंतरण

mayā tavātropahṛtau caṇḍamuṇḍau mahāpaśū yuddhayajñe svayaṃ śumbhaṃ niśumbhaṃ ca haniṣyasi

अर्थ

'मैं आपके लिए यहाँ चण्ड और मुण्ड — इन दो महापशुओं को — (बलि रूप में) ले आई हूँ; इस युद्ध-यज्ञ में शुम्भ और निशुम्भ का वध आप स्वयं करेंगी।'

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 7.23 का अर्थ क्या है?
'मैं आपके लिए यहाँ चण्ड और मुण्ड — इन दो महापशुओं को — (बलि रूप में) ले आई हूँ; इस युद्ध-यज्ञ में शुम्भ और निशुम्भ का वध आप स्वयं करेंगी।'
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 7 (Caṇḍa-Muṇḍa Vadha — चण्ड-मुण्ड वध) का 23वाँ श्लोक है।