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दुर्गा सप्तशती 7.21

अध्याय 7, श्लोक 21

अध्याय 7: Caṇḍa-Muṇḍa Vadhaचण्डमुण्डवध

हतशेषं ततः सैन्यं दृष्ट्वा चण्डं निपातितम् मुण्डं सुमहावीर्यं दिशो भेजे भयातुरम्

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लिप्यंतरण

hataśeṣaṃ tataḥ sainyaṃ dṛṣṭvā caṇḍaṃ nipātitam muṇḍaṃ ca sumahāvīryaṃ diśo bheje bhayāturam

अर्थ

तब बची-खुची सेना चण्ड को गिरा और महापराक्रमी मुण्ड को (मारा गया) देखकर भयभीत होकर सब दिशाओं में भाग गई।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 7.21 का अर्थ क्या है?
तब बची-खुची सेना चण्ड को गिरा और महापराक्रमी मुण्ड को (मारा गया) देखकर भयभीत होकर सब दिशाओं में भाग गई।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 7 (Caṇḍa-Muṇḍa Vadha — चण्ड-मुण्ड वध) का 21वाँ श्लोक है।