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दुर्गा सप्तशती 7.20

अध्याय 7, श्लोक 20

अध्याय 7: Caṇḍa-Muṇḍa Vadhaचण्डमुण्डवध

अथ मुण्डोऽभ्यधावत्तां दृष्ट्वा चण्डं निपातितम् तमप्यपातयद्भूमौ सा खड्गाभिहतं रुषा

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लिप्यंतरण

atha muṇḍo'bhyadhāvattāṃ dṛṣṭvā caṇḍaṃ nipātitam tamapyapātayadbhūmau sā khaḍgābhihataṃ ruṣā

अर्थ

तब चण्ड को गिरा देखकर मुण्ड उन पर झपटा; क्रोध से खड्ग के प्रहार से उसे भी उन्होंने भूमि पर गिरा दिया।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 7.20 का अर्थ क्या है?
तब चण्ड को गिरा देखकर मुण्ड उन पर झपटा; क्रोध से खड्ग के प्रहार से उसे भी उन्होंने भूमि पर गिरा दिया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 7 (Caṇḍa-Muṇḍa Vadha — चण्ड-मुण्ड वध) का 20वाँ श्लोक है।