अध्याय 7, श्लोक 19
अध्याय 7: Caṇḍa-Muṇḍa Vadha — चण्डमुण्डवधउत्थाय च महासिंहं देवी चण्डमधावत । गृहीत्वा चास्य केशेषु शिरस्तेनासिनाच्छिनत् ॥
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लिप्यंतरण
utthāya ca mahāsiṃhaṃ devī caṇḍamadhāvata gṛhītvā cāsya keśeṣu śirastenāsinācchinat
अर्थ
और महासिंह पर चढ़कर देवी चण्ड पर दौड़ीं; उसके केश पकड़कर उन्होंने खड्ग से उसका सिर काट डाला।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 7.19 का अर्थ क्या है?▼
और महासिंह पर चढ़कर देवी चण्ड पर दौड़ीं; उसके केश पकड़कर उन्होंने खड्ग से उसका सिर काट डाला।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 7 (Caṇḍa-Muṇḍa Vadha — चण्ड-मुण्ड वध) का 19वाँ श्लोक है।