अध्याय 7, श्लोक 1
अध्याय 7: Caṇḍa-Muṇḍa Vadha — चण्डमुण्डवधॐ ऋषिरुवाच आज्ञप्तास्ते ततो दैत्याश्चण्डमुण्डपुरोगमाः । चतुरङ्गबलोपेता ययुरभ्युद्यतायुधाः ॥
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लिप्यंतरण
oṃ ṛṣiruvāca ājñaptāste tato daityāścaṇḍamuṇḍapurogamāḥ caturaṅgabalopetā yayurabhyudyatāyudhāḥ
अर्थ
(ॐ। ऋषि बोले —) इस प्रकार आज्ञा पाकर वे दैत्य, चण्ड और मुण्ड को आगे करके, चतुरंगिणी सेना से युक्त, शस्त्र उठाए हुए चल पड़े।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 7.1 का अर्थ क्या है?▼
(ॐ। ऋषि बोले —) इस प्रकार आज्ञा पाकर वे दैत्य, चण्ड और मुण्ड को आगे करके, चतुरंगिणी सेना से युक्त, शस्त्र उठाए हुए चल पड़े।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 7 (Caṇḍa-Muṇḍa Vadha — चण्ड-मुण्ड वध) का 1वाँ श्लोक है।