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दुर्गा सप्तशती 6.20

अध्याय 6, श्लोक 20

अध्याय 6: Dhūmralocana Vadhaधूम्रलोचनवध

तस्यां हतायां दुष्टायां सिंहे विनिपातिते शीघ्रमागम्यतां बद्ध्वा गृहीत्वा तामथाम्बिकाम्

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लिप्यंतरण

tasyāṃ hatāyāṃ duṣṭāyāṃ siṃhe ca vinipātite śīghramāgamyatāṃ baddhvā gṛhītvā tāmathāmbikām

अर्थ

और जब वह दुष्टा मारी जाए और सिंह गिरा दिया जाए, तब उस अम्बिका को बाँधकर, पकड़कर शीघ्र लौट आना।'

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 6.20 का अर्थ क्या है?
और जब वह दुष्टा मारी जाए और सिंह गिरा दिया जाए, तब उस अम्बिका को बाँधकर, पकड़कर शीघ्र लौट आना।'
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 6 (Dhūmralocana Vadha — धूम्रलोचन वध) का 20वाँ श्लोक है।