अध्याय 6, श्लोक 19
अध्याय 6: Dhūmralocana Vadha — धूम्रलोचनवधकेशेष्वाकृष्य बद्ध्वा वा यदि वः संशयो युधि । तदाशेषायुधैः सर्वैरसुरैर्विनिहन्यताम् ॥
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लिप्यंतरण
keśeṣvākṛṣya baddhvā vā yadi vaḥ saṃśayo yudhi tadāśeṣāyudhaiḥ sarvairasurairvinihanyatām
अर्थ
केश पकड़कर खींचते हुए अथवा बाँधकर। पर यदि तुम्हें युद्ध में (जीत का) संशय हो, तो समस्त असुर सब आयुधों से उसका वध कर डालें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 6.19 का अर्थ क्या है?▼
केश पकड़कर खींचते हुए अथवा बाँधकर। पर यदि तुम्हें युद्ध में (जीत का) संशय हो, तो समस्त असुर सब आयुधों से उसका वध कर डालें।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 6 (Dhūmralocana Vadha — धूम्रलोचन वध) का 19वाँ श्लोक है।