अध्याय 6, श्लोक 18
अध्याय 6: Dhūmralocana Vadha — धूम्रलोचनवधहे चण्ड हे मुण्ड बलैर्बहुभिः परिवारितौ । तत्र गच्छत गत्वा च सा समानीयतां लघु ॥
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लिप्यंतरण
he caṇḍa he muṇḍa balairbahubhiḥ parivāritau tatra gacchata gatvā ca sā samānīyatāṃ laghu
अर्थ
'हे चण्ड! हे मुण्ड! तुम अनेक सेनाओं से घिरे हुए वहाँ जाओ; और जाकर उसे शीघ्र यहाँ ले आओ,
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 6.18 का अर्थ क्या है?▼
'हे चण्ड! हे मुण्ड! तुम अनेक सेनाओं से घिरे हुए वहाँ जाओ; और जाकर उसे शीघ्र यहाँ ले आओ,
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 6 (Dhūmralocana Vadha — धूम्रलोचन वध) का 18वाँ श्लोक है।