अध्याय 6, श्लोक 8
अध्याय 6: Dhūmralocana Vadha — धूम्रलोचनवधदेव्युवाच दैत्येश्वरेण प्रहितो बलवान्बलसंवृतः । बलान्नयसि मामेवं ततः किं ते करोम्यहम् ॥
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लिप्यंतरण
devyuvāca daityeśvareṇa prahito balavānbalasaṃvṛtaḥ balānnayasi māmevaṃ tataḥ kiṃ te karomyaham
अर्थ
(देवी बोलीं —) 'तुम दैत्येश्वर द्वारा भेजे गए हो, बलवान् हो और सेना से घिरे हो; यदि तुम इस प्रकार मुझे बलपूर्वक ले जाओगे — तो मैं तुम्हारा क्या कर सकती हूँ (अर्थात् जो होगा उसमें मेरा क्या दोष)?'
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 6.8 का अर्थ क्या है?▼
(देवी बोलीं —) 'तुम दैत्येश्वर द्वारा भेजे गए हो, बलवान् हो और सेना से घिरे हो; यदि तुम इस प्रकार मुझे बलपूर्वक ले जाओगे — तो मैं तुम्हारा क्या कर सकती हूँ (अर्थात् जो होगा उसमें मेरा क्या दोष)?'
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 6 (Dhūmralocana Vadha — धूम्रलोचन वध) का 8वाँ श्लोक है।