अध्याय 6, श्लोक 9
अध्याय 6: Dhūmralocana Vadha — धूम्रलोचनवधऋषिरुवाच इत्युक्तः सोऽभ्यधावत्तामसुरो धूम्रलोचनः । हुङ्कारेणैव तं भस्म सा चकाराम्बिका तदा ॥
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लिप्यंतरण
ṛṣiruvāca ityuktaḥ so'bhyadhāvattāmasuro dhūmralocanaḥ huṅkāreṇaiva taṃ bhasma sā cakārāmbikā tadā
अर्थ
(ऋषि बोले —) इस प्रकार कहे जाने पर असुर धूम्रलोचन उन पर झपटा; और तब अम्बिका ने हुँकार मात्र से उसे भस्म कर दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 6.9 का अर्थ क्या है?▼
(ऋषि बोले —) इस प्रकार कहे जाने पर असुर धूम्रलोचन उन पर झपटा; और तब अम्बिका ने हुँकार मात्र से उसे भस्म कर दिया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 6 (Dhūmralocana Vadha — धूम्रलोचन वध) का 9वाँ श्लोक है।