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दुर्गा सप्तशती 6.6

अध्याय 6, श्लोक 6

अध्याय 6: Dhūmralocana Vadhaधूम्रलोचनवध

दृष्ट्वा तां ततो देवीं तुहिनाचलसंस्थिताम् जगादोच्चैः प्रयाहीति मूलं शुम्भनिशुम्भयोः

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लिप्यंतरण

sa dṛṣṭvā tāṃ tato devīṃ tuhinācalasaṃsthitām jagādoccaiḥ prayāhīti mūlaṃ śumbhaniśumbhayoḥ

अर्थ

तब हिमालय पर विराजमान देवी को देखकर उसने ऊँचे स्वर में कहा: 'शुम्भ-निशुम्भ के पास चलो!

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 6.6 का अर्थ क्या है?
तब हिमालय पर विराजमान देवी को देखकर उसने ऊँचे स्वर में कहा: 'शुम्भ-निशुम्भ के पास चलो!
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 6 (Dhūmralocana Vadha — धूम्रलोचन वध) का 6वाँ श्लोक है।