अध्याय 6, श्लोक 16
अध्याय 6: Dhūmralocana Vadha — धूम्रलोचनवधश्रुत्वा तमसुरं देव्या निहतं धूम्रलोचनम् । बलं च क्षयितं कृत्स्नं देवीकेसरिणा ततः ॥
🔊 किसी भी शब्द को सुनने के लिए टैप करें — या पूरा श्लोक सुनने के लिए ▶ दबाएँ
लिप्यंतरण
śrutvā tamasuraṃ devyā nihataṃ dhūmralocanam balaṃ ca kṣayitaṃ kṛtsnaṃ devīkesariṇā tataḥ
अर्थ
जब यह सुना गया कि असुर धूम्रलोचन देवी द्वारा मारा गया और उसकी समस्त सेना देवी के सिंह द्वारा नष्ट कर दी गई,
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 6.16 का अर्थ क्या है?▼
जब यह सुना गया कि असुर धूम्रलोचन देवी द्वारा मारा गया और उसकी समस्त सेना देवी के सिंह द्वारा नष्ट कर दी गई,
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 6 (Dhūmralocana Vadha — धूम्रलोचन वध) का 16वाँ श्लोक है।