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दुर्गा सप्तशती 6.15

अध्याय 6, श्लोक 15

अध्याय 6: Dhūmralocana Vadhaधूम्रलोचनवध

क्षणेन तद्बलं सर्वं क्षयं नीतं महात्मना तेन केसरिणा देव्या वाहनेनातिकोपिना

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लिप्यंतरण

kṣaṇena tadbalaṃ sarvaṃ kṣayaṃ nītaṃ mahātmanā tena kesariṇā devyā vāhanenātikopinā

अर्थ

क्षण भर में देवी के वाहन उस महात्मा अत्यन्त क्रुद्ध सिंह ने उस समस्त सेना को नष्ट कर दिया।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 6.15 का अर्थ क्या है?
क्षण भर में देवी के वाहन उस महात्मा अत्यन्त क्रुद्ध सिंह ने उस समस्त सेना को नष्ट कर दिया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 6 (Dhūmralocana Vadha — धूम्रलोचन वध) का 15वाँ श्लोक है।