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दुर्गा सप्तशती 6.13

अध्याय 6, श्लोक 13

अध्याय 6: Dhūmralocana Vadhaधूम्रलोचनवध

केषाञ्चित्पाटयामास नखैः कोष्ठानि केसरी तथा तलप्रहारेण शिरांसि कृतवान्पृथक्

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लिप्यंतरण

keṣāñcitpāṭayāmāsa nakhaiḥ koṣṭhāni kesarī tathā talaprahāreṇa śirāṃsi kṛtavānpṛthak

अर्थ

उस केसरी ने किन्हीं के पेट नखों से फाड़ डाले, और थप्पड़ के प्रहार से सिर अलग कर दिए।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 6.13 का अर्थ क्या है?
उस केसरी ने किन्हीं के पेट नखों से फाड़ डाले, और थप्पड़ के प्रहार से सिर अलग कर दिए।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 6 (Dhūmralocana Vadha — धूम्रलोचन वध) का 13वाँ श्लोक है।